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बचà¥à¤šà¥‡ को आ रही है ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हिचकी, तो जानिठइसकी वजह और राहत के उपाय
बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤•बार में ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फीड न कराà¤à¤‚.
बचà¥à¤šà¥‡ को हिचकी आà¤, तो पैरेंटà¥à¤¸ परेशान हो जाते हैं. उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समठनहीं आता कि इसकी वजह कà¥à¤¯à¤¾ है और इसे ठीक कैसे किया जाà¤. अगर आप à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ की इस पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® से परेशान होते हैं, तो जानिठइसके कारण और दूर करने के तरीके.
Hiccups – लोग कहते हैं कि जब हमें हिचकी आती है, तो कहते हैं कि हमें कोई दिल से याद कर रहा है. हालांकि इस- बात का कोई वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं मिला है. हिचकी सà¤à¥€ को आती है फिर चाहे वह बचà¥à¤šà¤¾ हो या बड़ा. वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤•ों में सामानà¥à¤¯à¤¤à¥Œà¤° पर हिचकी कà¥à¤› समय में अपने आप ही बंद हो जाती है. वहीं छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आती हिचकी के लिठकà¥à¤¯à¤¾ किया जाà¤, ये बात पैरेंटà¥à¤¸ समठनहीं पाते हैं.
ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बचà¥à¤šà¥‡ हिचकी की समसà¥à¤¯à¤¾ से परेशान नहीं होते, लेकिन पैरेंटà¥à¤¸ को इस बात की चिंता होती है. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कहते हैं कि उनका पेट और à¤à¥‚ख बॠरही है, इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हिचकी आती है. बहरहाल बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हिचकी आने के कोई सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कारण अà¤à¥€ तक मालूम नहीं चला है. फिर à¤à¥€ कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हिचकी आने के ​कारण के रूप में देखा जाता है. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की रूटीन या खाने की आदत की वजह से à¤à¥€ हिचकी आने लगती है, जैसे जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ खाना या गलत तरीके से खाना.
विजà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¨
वेरीवेलफैमिली के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हिचकी आना नॉरà¥à¤®à¤² है. à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की मानें, तो हिचकी उस तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा से शà¥à¤°à¥‚ होती है जो बà¥à¤°à¥‡à¤¨ को डायाफà¥à¤°à¤¾à¤® से जोड़ती है और इसे कई अलग-अलग चीजों से बंद किया जा सकता है. छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को उनके जनà¥à¤® से ही हिचकी आनी शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है. शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नवजात बचà¥à¤šà¥‡ चौबीस घंटे के लगà¤à¤— ढाई फीसदी समय हिचकी में खरà¥à¤š करते हैं. जैसे-जैसे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ होती है, हिचकी की समसà¥à¤¯à¤¾ कम होने लगती है.
कà¥à¤¯à¤¾ है हिचकी का कारण
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हिचकी के कई कारण हो सकते हैं. बचà¥à¤šà¥‡ को अगर à¤à¤• साथ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फीडिंग कराई जाती है, जो उसकी वजह से उनका पेट फूलने लगता है और डायाफà¥à¤°à¤¾à¤® अचानक फैलने या सà¥à¤•ड़ने लगता है. कई बार इस वजह से हिचकी आने लगती है. इसके अलावा कई बचà¥à¤šà¥‡ जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ में फीड करते है. जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ फीड करने की वजह से दूध बचà¥à¤šà¥‡ की फूड पाइप में फंस जाता है. जिसकी वजह से बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® शà¥à¤°à¥‚ होती है और à¤à¥€ हिचकी की समसà¥à¤¯à¤¾ आ जाती है.
कैसे रोकें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की हिचकी
– आमतौर पर बड़ों की तरह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥€ हिचकी अपने आप ही कà¥à¤› समय में बंद हो जाती है, इसलिठहिचकी आने पर कà¥à¤› मिनट इंतजार करें. छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤• बार में अधिक फीड न करा कर थोड़ी-थोडी देर में कम मातà¥à¤°à¤¾ में फीड कराà¤à¤‚.
– अगर बचà¥à¤šà¥‡ की हिचकी न रà¥à¤•े, तो उनके मà¥à¤‚ह में चीनी के कà¥à¤› दानें डाल दें. इससे हिचकी जलà¥à¤¦ रà¥à¤• जाती है. हिचकी आने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़ी देर के लिठसहारा देकर बैठाà¤à¤‚. दूध पीने के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ कà¥à¤› मातà¥à¤°à¤¾ में हवा à¤à¥€ निगल जाते हैं. सीधा बैठाने से बचà¥à¤šà¤¾ डकार या गैस के जरिठनिगली हà¥à¤ˆ हवा निकाल पाà¤à¤—ा और उसे हिचकी से राहत मिलेगी.
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